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हिमाचल के सरकारी स्कूलों से बच्चो के पलायन को कैसे रोके ?

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हिमाचल के सरकारी स्कूलों से बच्चो के पलायन को कैसे रोके ?  आज दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्री हमीरपुर में आकर शिक्षा पर संवाद कर रहे है । सरकारी स्कूलों की स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे है । कहीं न कहीं देखा जाए तो हिमाचल के लोगों ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त करना छोड़ सा दिया है । जो चिंतित है उन्होंने बच्चे सरकारी स्कूल से निकाल कर प्राइवेट स्कूल में डाल दिए है और भारी मन से ही सही पर भारी भारी फीस चुका रहे है । और प्राइवेट स्कूल वाले कभी नारद बना कर कभी कृष्ण बनाकर बच्चो से पैसे ऐंठ रहे है जिसे देखकर मां बाप खुश हो रहे है की देखो अपना बच्चा कृष्ण में कितना क्यूट लगता है ,  हालांकि corona काल में फीस के ऊपर काफी बबाल कटा कई बच्चों को प्राइवेट स्कूल से निकाल कर सरकारी में भी डाला गया लेकिन समाधान का कोई विकल्प नहीं निकला । हिमाचल के शिक्षा विभाग में कई अफसर तैनात है कइयों की जिम्मेदारी भी तय की गई है पर वो कहते है न सरकारी नौकरी के बाद लोग मौज में रहते है । फिर वो भूल जाते है की महीने के अंत में जो मोटी तनख्वाह मिल रही है वो किसी कमरे में बैठ कर कुर्सी तोड़ने की नही ...

हमीरपुर भाजपा का ये फूल मुरझा सा गया है

ट्रेन से उतरते ही आटो पकड के आईएसविटी की तरफ निकल पडा , दिल्ली की भुलभुलईया मे वो आटो को तेज रफ्तार से भगाये जा रहा था , वेशक उसे कुछ ही महीने हुये थे दिल्ली की  ईन दिलकस सडकों पर फिर भी वो सिख गया था समझ गया था दिल्ली को अपने अंदाज ए दिल से दौडाने मे । गाडियो के शोर शरावे के विच मे उसने परिचय पूछना शुऱु कर दिया , भाई साहव कहां से हो , मै हिमाचल से , हिमाचल से , वहुत अच्छी जगह है , मैने सर हिलाते हुयै हां मे जवाव दिया , मै यूपी से , पहले मै भी हिमाचल मे काम करता था , सोलन वद्दी उना , सव जगह काम किया , मुझे वहां कम्पनी ने सुपरिवायजर वनाया था , अच्छी जगह है और लोग भी ,पर वचता कुछ नही था , आप सोच रहे होंगे ना फिर आटो कहां से , भाई मजवूरी सव करवा देती है हम वैंक की तयारी कर रहे थे , ग्रेजुएसन किये हैं , पढने मे भी अच्छे थे पर शायद किस्मत ईन्ही तीन पहियों पर थी , वहुत संघर्ष किये , जव कम्पनी मे काम करते थे तो वहां कमीशन उपर का पैसा भी मिलता था हम पूरी ईमानदारी से काम करते थे , पर कमीशन का लालच हमे भी लग गया , वावू जी को जव पता चला कि मेरे पास सैलरी से दुगुने पैसे ईकट्ठे हो गये है...
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Ankush Rajput January 29  ·    " पहाड वेशक छोड़ दिये , लेकिन पहाड हमेशा मुझमें वसते है "" चंडीगढ़ के चौड़े हाईवे की पी पां से निकलते ही दुनिया मानो रिंग रोड की तरह घुमावदार और डरावनी सी लगने लगती है , कारखानों फैक्ट्रियों से निकलते प्रदूषण की तेज गंध जबरन आपके नाक पर एसे प्रवेश करती है जैसे कोई एन ओ सी लेकर आ धमकी हो , शहर का थोडा थोडा एहसास तो उसी गंध से हो जाता है वाकी दिल्ली पहुंचते पहुंचते यमुना जी और लोकल नाले आपको शहरी सा फील करवा ही देते हैं , यमुना  के साथ जी लगाना मजबूरी वन जाती है पर इससे भी ज्यादा मजबूरी होता है यमुना और ईन नालों के पास से नाक मे सांस रोककर निकलना , सच में उसी दिन पहली दफा मुझै कमजोर फेफड़े वालों की वडी फिक्र हुयी , और ईस तरह से मेरा योग होने लग गया , हां वही लोम विलोम टायप , टीवी वाला वावा चाहे जितने सेकंड स्वास रोकने की सलाह दे पर मैं तो जब तक नाला पार ना हो मजाल है सांस लै लूं , सांस का अच्छा स्टैमिना पहाड चढ चढ कर हम पहाडियों को तो पहले से ही हो जाता है पर शहरों के नालों को पार करते वक्त थोडा बाद मे शहरों...
अगर आप दिल्ली मे है और आपने अक्षरधाम नही देखा तो यकीनन आपने जिंदगी के महत्वपूर्ण क्षणों को व्यर्थ कर दिया है .बेहतरीन नक्काशी अत्याधुनिक तकनीकी और प्राचीन भारत का दर्शन जिस प्रकार से होता है मन आत्मविभोर हो उठता है . नाव मे बैठकर जैसे प्राचीन भारत से गुजरते हम आधुनिक भारत मे पहुंचते है उसे देख कर आप अपने भारतीय होने पर गर्व महसूस करेंगे , नालंदा विश्वविद्यालय से लेकर चाणक्य , महर्षि शुशुर्त महर्षि पातांजलि और तमाम आयुर्वेद से लेकर शल्य चिकित्सा के अधभुत आयाम आपको देखने को मिल ते है .. वेदों के ग्यान भौगोलिक शोध , आर्यभट्ट और ना जाने कितने भारतीय वैदिक शोधकर्ता को जानने का महसूस करने का साक्षात अनुभव होता है . यूं कहा जा सकता है कि उस नाव मे बैठकर आपका सम्पूर्ण भारत भ्रमण पूर्ण हो जायेगा . रोशनी और जल के फव्वारो का संगम आपको दुबई भुला देगा . वैदिक भारत भारतीय संस्कृती श्लोक और मंत्रों से आपको स्वर्ग सी अनूभुति होगी . कुछ क्षणों के लिये आपको लगेगा यही स्वर्ग है . एक बेहतरीन कला संस्कृति का नमूना अक्सरधाम अपने आप मे अनूठा अकाल्पनिक है जो हमे हमारे उस भारत का दर्शन करवाता है जिसे शायद अब ...
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# हकीकत   # जिंदगी   # असहाय   # असहज   रात के वक्त एसे ही रोड पर टहल रहा था , सडक के एक तरफ नालियां खोदी जा रही थी , शायद तार वार या कोई पाईप जैसे अमूमन एसे काम के लिये ख ुदाई करवाई जाती है वैसी ही यहां हो रही थी , उसी सडक के साथ कुछ मजदूर महिला और पुरुष सडक के किनारे ही सो रहे थे एसी जगह पर जहां हम मै और आप जैसा कोई वयक्ति वैठना भी पसंद ना करे , दूसरी तरफ ही एक छोटा सा वच्चा , दुनिया से नजरअंदाज ,वेफिक्र , सपनों के सागर मे तैर रहा था , सपने भी वेचारे के ज्यादा कुछ नही होगे वस यही कोई दो वक्त की रोटी मिल जाये , वो क्रिम वाले विस्कीट जो पान वाले की दुकान के पास टीवी मे देखे थे वो मिल जाये , स्वाद कैसा होगा उसे भी शायद मालूम नही पर हां एड मे आये उस खुशनुमा वच्चे को देखकर लगता होगा अच्छे ही होगे , जहां भारत का एक वर्ग वच्चों को रजाई , मखमल के गद्दों पर सुलाता है वहिं यह तपते कठोर पत्थरों पर एसे सो रहे थे मानो किसी मखमल के गद्दों पर सो रहे हो , सामान के नाम पर एक पानी की कैन दो तीन मीरींडा की खाली वोतल जो यहां वहां से उठायी होगी , और सिरहाने के लिये पैर की टूटी चप्प...
#My_India_part_1 #ankush यह तस्वीर शंघाई की है चीन मे एक नदी है जो शंघाई रिवर के नाम से जानी जाती है बीलीयन ट्रिलियन doller ka ट्रांसपोर्ट और ट्रेड इसके जरिये किया जाता है . ट्रांसपोर्टेशन का सबसे सस्ता जरिया होता है नदी समुद्र और शायद चाइना ईस बात को अच्छे से समझता है , हम बात बात पर चीन को गरियाते हैं हम वो है हमारे पास यह है फलां ठिमकणा दरअसल हम चीन के समाने भी नही खडे हो सकते , बहां जाकर देखन ा कितनी तरक्की की है चीन ने . शायद उसी की तर्ज पर हमारे केन्द्रीय मंत्रीयों ने गंगा मे सुमद्रिये यातायात बनाने का प्लान 2014 को बनाया था और जिसकी आधिकारिक घोषणा भी की थी . तकरीवन सोलह सौ करोड के ईस प्रोजेक्ट मे सोलह सौ किलोमीटर तक ड्रैजिंग और हल्के जहाज और फैरी ट्रांसपोर्टेसन का जरिया जैसे जहाजों के लिये काम किया जाना था .IIT रुड़की के कूल गायज इसके उपर रिसर्च कर रहे थे यानि सरकार के काम मे सहयोग कर रहे थे . क्लीन गंगा के मिशन के साथ यह दूसरा ज्वाईंट मिशन सरकार का था जो कि अगर शुरु भी होता तो वाकई अपने आप मे देश की दशा और दिशा बदलने वाला था . आप अनुमान भी नही लगा सकते सरकार कितना इससे...

हिमाचली धमाल

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हिमाचली धमाल    (. हिमाचली दोस्त जरुर पडनेयो यह कहानी ) # अंकुश जव वापू जी कन्फयुजीया गये कि गांव वालों को कौन सी खुशी मे शामिल होने का न्यौता दें ।। वेटे ने जो कांड ही एसा कर दिया था , संस्कृत मे काम का मतलव ढुंडने जाओगे तो कयी काम मे लग जाओगे ईहां आराम से वैठे रहो हम सव एक्सपलेन करेते रहेंगे ,ए टू जैड , वैसे काम काम होता है कांड कांड , काम करोगे तो एपरिसियेसन मिलेगी और कांड करोगे तो मांसाहारी गाली और जूतमवरै या जूतवरै ( नौन हिमाचली मित्रों को वता देना चाहता हूं यह शव्द जूतमवरै अपने आप मे अनोखा है ईसका अभिप्राय जूतों की वरसात से है फिर वो किसी के भी उपर हो , और ईस स्थिती मे मानसिक और शारीरिक गतिवीधी वहुत तेज हो जाती है रक्तचाप उच्च स्तर पर पहुंच जाता है ) तो भईया हमारे हमीरपुरी भाई ने कांड कियो था , वैसे भी हमीरपुर वाले काम और कांड दोनो मे वरावर आगे रहैं , व्रदर आस्ट्रेलिया एयरपोर्ट से अम्मा को फोन लगाये , संकुचाते हुये डरते हुये पहले तो अम्मी का हाल चाल पुछते रहे फिर वात टु दि प्वाईट पर ले आये , अडिये मम्मी मुन्जो ईक कुडी पसंद आई थी सै मै व्याह करी लेया...

हिमाचली धमाल

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              (. हिमाचली दोस्त जरुर पडनेयो यह कहानी ) # अंकुश जव वापू जी कन्फयुजीया गये कि गांव वालों को कौन सी खुशी मे शामिल होने का न्यौता दें ।। वेटे ने जो कांड ही एसा कर दिया था , संस्कृत मे काम का मतलव ढुंडने जाओगे तो कयी काम मे लग जाओगे ईहां आराम से वैठे रहो हम सव एक्सपलेन करेते रहेंगे ,ए टू जैड , वैसे काम काम होता है कांड कांड , काम करोगे तो एपरिसियेसन मिलेगी और कांड करोगे तो मांसाहारी गाली और जूतमवरै या जूतवरै ( नौन हिमाचली मित्रों को वता देना चाहता हूं यह शव्द जूतमवरै अपने आप मे अनोखा है ईसका अभिप्राय जूतों की वरसात से है फिर वो किसी के भी उपर हो , और ईस स्थिती मे मानसिक और शारीरिक गतिवीधी वहुत तेज हो जाती है रक्तचाप उच्च स्तर पर पहुंच जाता है ) तो भईया हमारे हमीरपुरी भाई ने कांड कियो था , वैसे भी हमीरपुर वाले काम और कांड दोनो मे वरावर आगे रहैं , व्रदर आस्ट्रेलिया एयरपोर्ट से अम्मा को फोन लगाये , संकुचाते हुये डरते हुये पहले तो अम्मी का हाल चाल पुछते रहे फिर वात टु दि प्वाईट पर ले आये , अडिये मम...
# ankushThakur खवर है कि सपना ने जहर खा लिया , यह खवर सुनते ही कयी छोरे सदमे मै आ गये , आते कयों नही रोज यू टयूव पर सपना खंगाल खंगाल कर कयी सपने जो देख रखे थे , हर कोई उसे अपनी नजर के अलग अलग रंगीन चश्मों से देखता है ,कोई उसकी तुलना वैश्यों से कर देता था कोई उसके झटके लटकों ठुमकों पर फिदा थे , कोई अपनी शादी मे उसे नचाना चाहता था , तो कोई उसे एक मासूक की नजर से देखता था जैसा अक्सर लोग सैलीवरीटी को देखते हैं , सपना कोई वालीवुड की अदाकारा भी नही है फिर भी किसी नामी अदाकारा से कम भी नही थी , तो फिर कौन थी सपना ?? आपमें से वहुत सोच रहे होगे कि आखिर कौन है यो सपना जिसने हरियाणे मे कति जुल्म ढा रखा है ,तो सुनिये एक मध्यम वर्गिय परिवार मे जन्मी सपना जैसा नाम वैसी ये लडकी देखने लग गयी वडे वडे सपने ॥ एक एसी लडकी जिसे है नाचने गाने का शौक और ईसी शौक के कारण वो कयी मर्दो के दिलों मे तो आ ही गयी पर साथ ही कुछ नजरों मे खटकने लग गयी , और ईसी नाचने के शौक ने आज उसे जहर खाने पर मजवुर कर दिया ॥ जहर की खवर आज दिन से खूव वायरल हो रही है , सपना हरियाणा मे रागनियों मे गाती थी , गाती वह...
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‪#‎ अंकुशठाकुर‬   कितनी देर से तुम्हे मैसेज कर रहा था ,  तुम ना " हिलोपा "की तरह वहुत नखरैल हो गयी हो , पता ही नही चलता नाराज हो या मूड मे ,  हम्म्म ... तुम भी तो वडे पालिटिकल हो गये हो ,यह ईश्क और पौलिटीक्स कवसे साथ साथ करने लग गये , तभी से .. जवसे गठवंधन किया था तुमने "मोहव्वत" के साथ ॥ हाहा अच्छा राजनीति के मुन्शी प्रेम चंद , पर यह चेतन भगत का जमाना है , ध्यान से ...कही एसा ना हो कि गोदान कर दे कोई तुम्हारी फिलींगस का , ओ हो फिर तो गोदान करने वाली भी "हाफ ग्रलफ्रैंड" ही होगी .... हा हा हा ॥। व्रोकन लव ईमोजी  💘 💏 💔  के साथ गुड नाईट #अंकुशठाकुर
#Shimla_ankush_Thakur कुछ अलग ढूंढने के लिये शिमला के माल रोड पर चल दिया ,  कयी रंग विरंगी सतरंगी अदाएं हर तरफ विखरती जा रही थी , कुछ उन्हे समेटे चल रहे थे तो  कुछ हिन्दी फिल्मों के धर्मेन्द्र वनकर अपने अलग अंदाज मे समेटने की जद्दोजहद कर रहे थे ,  सैल्फी के ईस दौर मे DSLR वालो की भीड भी कम नही थी , रही कसर दूरदर्शन वाली मौतरमा  ने लम्वा सा माईक लगा कर मिटा दी , " कैसा लगा आपको शिमला " कुछ वोलता उससे पहले  किन्नौरी टोपी पहने वो एकदम सामने आ गयी , सामने की तरफ ईशारा करते हुये वोल पडा  , देखो ठीक वैसा , खुवसुरत सा , कल्पनाओं से भरपूर , एक हसीन सपने के जैसा ,  दूसरे सवाल पर खुद को ISBT वाली भीड की तरह घिरा हुआ पाया , मेरी नजर उसे ढुंढ रही थी रिज से माल रोड तक ..और ..मै खुदको !!!!! हाय वो किन्नौरी अदायें #Shimla_ankush_Himachali #अंकुश  ©2016  ankushthakur045.blogspot.com 
अगर बिहार मे जंगलराज हो सकता है तो हिमाचल मे खनन माफिया राज कयों नही ॥ ?? कुछ दिन पहले मन मे पोलिस वालो के खिलाफ गुस्सा था ,गुस्सा जायज भी था एक आम नागरिक को विकटीम वना दिया जाता है और रसूकदार , राजनैतिक घरानो से सम्वंध रखने वालो को वख्स दिया जाता है यही देखकर सोचा कि कुछ लिखता हूं , अच्छा हुआ नही लिखा वरना आज डिलीट करना पडता , वेवजह , खामखा ,॥ खवर आयी हिमाचल के एक विधायक ने अपनी पावर से ASP गौरव शर्मा का तवादला करवा दिया ,  तवादला , तवादला और तवादला , भारतीय लोकतंत्र के कम्प्यूटर मे तवादला एक एसा शौफ्टवेयर है जिसे एक दम ईन्सटाल कर दिया जाता है 420 G की स्पीड मे , खनन माफीया के वारे मे आये दिन आप कुछ ना कुछ पढते और सुनते होंगे कभी यूपी विहार उत्तराखण्ड तो कभी हिमाचल सव जगह यह शव्द ट्रैंड करता है , और विना राजनैतिक हैल्प के यह शव्द ट्रैंड करे ईसकी ईमैजिनेशन करना भी मतलव वावर के जमाने मे ट्वीटर पर ट्रैंड हुये ट्रोल जैसी है , खैर खनन के लिये राज्य सरकार द्वारा एक खास प्रकिया होती है पर्यावरण को नुकसान ना हो नदियो को नुकसान ना हो ईस्के लिये वकायदा वन विभाग ,सरकार ,से लाईसेंस लेना ...
नमस्कार , दलित VS politics , आजकल यही शब्द ट्रैंड कर रहे हैं , जैसे ही उतर भारत मे चुनाव आने लगते है यह शव्द सुनना और पढना आम हो जाते हैं , कुछ एक तवका जो खुद को दलितो का मसिहा समझता है ईस समय एक्टिव मोड मे औन हो जाता है पर असल मे वो सिर्फ वोट राजनिति तक सीमित रहता है , हिन्दुस्तान मे वैसे तो कयी वैंक है मुझे सवका नाम याद भी नहीं पर यहां ईंसानो की भावनाओ का ,जात के नाम पर स्वार्थ साधने का एक खास वैंक है जिसे हमारे वुद्धिजीवी और नेतागण वोट वैंक कहते हैं , ईस वैंक का दुर्भाग्य कहे या ईस वैंक मे अपनी वोट नामक पूंजी को अपने उज्जवल भविष्य का सपना देखने वालो का अभाग्य ईसमे वोट द्वारा दी गयी पूंजी ईन्वैस्ट तो होती है पर वो ना तो वापिस मिलती है और ना ही ईस पर उनको कोई व्याज मिलता है , हां उन अभाग्य श्रेणी के भारतीयो को देखने के लिये मूर्त्तियां वेशक मिल जाती है , पर अगर मूर्तियां देख कर पेट भरता हो तो वेशक देखनी चाहिये और तव तक देखते रहना चाहिये जव तक पेट भरे ना , खैर ईनको दलितो की याद तभी आती जव चुनाव होते है दलित शव्द पर विहार ,उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश और झारखंड मे ज्यादा राजनीति होती ह...
‪#‎ अंकुशठाकुर‬  " कयोकि जिंदगी मे क्लास (श्रेणी ) है " नमस्कार मै अंकुश ,हाजीर हूं लेकर सैटरडे नाईट , जी हां सैटरडे है तो सैटरडे नाईट ही कहूंगा ना । मुम्बई दिल्ली जैसे कयी वडे शहरो मे दो तरह की नाईट होती है एक शनिवार वाली और दूसरी सैटरडे नाईट , गांव मे एक ही थी शनिवार वाली , लेकीन शहरों मे ईसकी क्लास है , नाईट वाली क्लास , भला हो भी कयों ना जिन्दगी मे भी तो एक कलास है , अव रेलवे को ही ले लिजीये ईसमे भी कयी क्लास है वेचारा स्लीपर वाले यात्री कयी दफा सोचते रह जाते कि एक ही ट्रै क पर एक ही गाडी मे जा रहे मगर हममे भी एक क्लास है जो विल्कुल डिफरैंट हैं ,पहुंच से दूर है ,फासले से भरी ,और जिंदगी गुजर जाती है ईस स्लीपर और 3rd A.c के फासले को पूरा करने मे और जव आप 3rd Ac मे सफर करने लगते हैं तो पता चलता कि पडोसी तो तीसरी क्लास मे उड रहा ,सही पकडे हो वो प्लेन वाली क्लास । पर ईन क्लास मे जिंदगी भी थोडी अलग सी है अटपटी सी है , कुछ सुलझी तो कुछ अनसुलझी सी है ,स्लीपर मे पहुचकर थोडी ही देर मे आप सवसे एसे वाते करने लग जाते जैसे सदियो से एक दूसरे को जानते हों वहिं एसी वाली क्लास मे लोग अपने...
"सुलगता हिमाचल "  नमस्कार , विकास के नये हिमाचल मौडल मे आपका स्वागत है वडे वडे हायड्रो प्रोजैक्ट के विच , फ्लोर जैसे वने वस अड्डे , a.c volvo जैसी लैस ग्राउंड क्लीयरैंस वाली वसें ,चमचमाते उंचे होटल , वढते व्यापार, सुलगती वीडी वाली जवानी और वहुत कुछ ...सव है यहां .. भोटा के वाय पास से उतरते वस अड्डे तक पहुंचते सव है यहां , फ्रैस ,प्योर , एकदम ताजा ,मै किसी सव्जी या टमाटर की वात नही कर रहा मै वीडी मे ईस्तेमाल होने वाले ,वीडी को और पीने वाले को सुलगाने वाले प्रोडक्ट की वात कर  रहा हूं , एसा प्रोडक्ट जिसकी मार्किट सिर्फ हिमाचल मे ही नही पूरे देश और यहां तक विदेश मे भी जानी जाती है , जानता नही हिमाचल राज्य की जीडीपी कितनी है , आपको मालूम है तो वता दिजीयेगा मै भी अपना जीके वडा लूंगा ,जीडीपी के ईस खेल मे यह सुलगता प्रोडक्ट एक महत्वपूर्ण रोल अदा कर रहा है हिमाचल की जीडीपी मे खिंची रेखा को टाप प्वाइंट तक ले जाने मे, कुछ लोगो ने तो काम धंधा छोडकर ईसी प्रोडक्ट की मार्केटिंग करना शुरु कर दिया है अव भला कौन मेहनत करके पसीना वहाये जव सिर्फ ईम्पोर्ट और कस्टमर को एक्सपोर्ट करके अच्छा विजनै...
Ankush Thakur 16 hrs  ·  "कयोकि हमीरपुर का एक स्टेटस है " नमस्कार मै अंकुश , फोन मे स्टेट्स पर स्टेट्स वना रहा हू वस कुछ ही पलो मे आपकी फेसवुक फीड पर मेरा स्टेटस दस्तक दे देगा, तव तक हमीरपुर के स्टेट्स की वात करेंगे , नये वने सिनेमाघर से लेकर वडे वडे कालेज तक , राजनैतिक घरानो से लेकर सुजानपुर के चौगानों तक हमीरपुर का एक स्टेटस है , आकाशवाणी के टावर से लेकर लिटरेसी की पावर तक हमीरपुर का स्टेटस है ,पर नाजाने कयों स्टेट्स वनाने की भागदौड़ मे वेचारा गांधी चौक छुट सा गया है ,ईसका स्टेटस टैम्परेरी फेसवुक की टैमरेरी पिक्चर के जैसे दिखता है जो टिकता तो है लेकिन सिर्फ कुछ ही दिन । राजनैतिक कार्यक्रमो मे तो ईसे खूव संवारा जाता है सजाया जाता है ईसका स्टेटस वनाया जाता है ठीक देहात के उस वालक के जैसा दिसे काफी समय के वाद शादी मे जाने का अवसर मिला हो मगर शादी के वाद हाल वापिस वही हो जाता है अभाव के कारण सहुलियत के वगैर ,उपेक्षा का शिकार ,वहती नाक और लटके रुमाल जैसे दिखते पोस्टर ,पर हां ईन सवमे हमीरपुर की सव्जी मंडी ने जरुर अपना स्टेटस वना लिया है गाजर वेशक दुकान के...
" teenage"  हमीरपुर के गांधी चौक से उतरते ही ना जाने कयों मोमोज की दीवानगी उसमे उठ गयी , एक तो अंग्रेजी मिडीयम की कटरमकटर उपर से हम सरकारी प्रोडक्ट जो अक्सर साई न थीटा और कोस थीटा मे जिंदगी से ज्यादा उलझे रहते थे , मैथेमैटिक्स का हिसाव तो सर् से उपर जाता ही था लेकीन एक और हिसाव था जो मैथ्स से भी वाउंस कर रहा था , "ईश्क " का हिसाव .ये एसा हिसाव था जिसे ना वो दे पा रहे थे ना हम ले पा रहे थे , मोमोज वाली आंटी के पास प्यार भरे नग्मे लगाकर पूरा माहौल हम जैसे ही प्रेमियो के लिये सजा था , ओपन माईंडड भीड़ मे खुद को देखकर मैने उससे थोडी दूरी वना ली ,पर वो भी हिसाव मे डफर मुझ जैसे सरकारी स्कूल के लडके को ईंटैलिजैंट किस्म का हायव्रिड वनाना चाहती थी शायद तभी हाथ पकड कर वोली ,कम औन जस्ट चिल् , यह मेरा फेवरिट प्लेस है ,यह चिल मेरे लिये रैड चिली से कम नही था जो रंग विरंगे फटी जीन वाली भीड मे कोकाकोला पीकर आये डकार के जैसे था , चाउमिन वाली आंटी शायद हम जैसो कितनो के साथ फैमिलीयर थी उसे पूरा मालूम था कि चाउमिन के साथ कौन सा गीत सुनना ये लोग पसंद करते हैं , कान मे कहने लगी कैसी ...