हिमाचली धमाल
(. हिमाचली दोस्त जरुर पडनेयो यह कहानी ) #अंकुश
जव वापू जी कन्फयुजीया गये कि गांव वालों को कौन सी खुशी मे शामिल होने का
न्यौता दें ।। वेटे ने जो कांड ही एसा कर दिया था , संस्कृत मे काम का
मतलव ढुंडने जाओगे तो कयी काम मे लग जाओगे ईहां आराम से वैठे रहो हम सव
एक्सपलेन करेते रहेंगे ,ए टू जैड , वैसे काम काम होता है कांड कांड , काम
करोगे तो एपरिसियेसन मिलेगी और कांड करोगे तो मांसाहारी गाली और जूतमवरै या
जूतवरै ( नौन हिमाचली मित्रों को वता देना चाहता हूं यह शव्द जूतमवरै अपने
आप मे अनोखा है ईसका अभिप्राय जूतों की वरसात से है फिर वो किसी के भी उपर
हो , और ईस स्थिती मे मानसिक और शारीरिक गतिवीधी वहुत तेज हो जाती है
रक्तचाप उच्च स्तर पर पहुंच जाता है ) तो भईया हमारे हमीरपुरी भाई ने कांड
कियो था , वैसे भी हमीरपुर वाले काम और कांड दोनो मे वरावर आगे रहैं ,
व्रदर आस्ट्रेलिया एयरपोर्ट से अम्मा को फोन लगाये , संकुचाते हुये डरते
हुये पहले तो अम्मी का हाल चाल पुछते रहे फिर वात टु दि प्वाईट पर ले आये ,
अडिये मम्मी मुन्जो ईक कुडी पसंद आई थी सै मै व्याह करी लेया ( मम्मी मुझे
एक लडकी पसंद आयी थी तो मैने उससे शादी कर ली एक्चुअलि उसने वहुत ईंसिसट
किया तो फिर मैने कर ली ) अव हिमाचली अम्मी है एसे तो जाने नी देगी सो
अम्मी भी शुरु हो ली , अम्मी के वोल कुछ ईस प्रकार थे नखसमेया तेरा नाक
वडेया , तिजो शर्म नी आयी ,एत्थु कुडियां मरी गईदियां थी जे अंग्रेजण टोली
तैं सारे पिंडा च नाक वडाईता तै , तेरे पापा होरा नै कया दस्सुं मै , मां
को थोडा शर्मिॉदगी से कहने लगा कि शादी यहां एसे ही की है वहां ऱियल वाली
तो हिमाचल मे दुवारा कर लेंगे आप वस पापा को संभाल लो , अव मां का दिल तो
मां का ही होता है , मां ने भी असंख्य सपने संजोये होते है , पर फिर भी
संतान के सुख मे वो अपना सुख ढुढ लेती है , सो माता जी अव पिता जी के पास
वैठ गयी मक्खन लगाकर वात करने लगी पिता जी भी समझ गये आज कुछ गडवड है ,
माता जी पहाडी मे कुछ युं वोली , जी , मुन्जो ना ए ग्रेजणीया वडीयां छैल
लगदियां सोचा जे अहांदै मुन्नुएं लेई आंदी ता असांरी भी पर्सनैलटी लाग होई
जाणी मतलव ग्रेजीया च वच्चे तिसा अपपू पढाई लैणे हैना , पिता जी माता की उन
भर्मित कर देने वाली ईमैजिनेटिव आंखों मे देखकर वोले ओ जुआंडिये चुप कर तु
वेला दिमाग ना खराव कर , जा मैसी जो घा पाणी दास वड्डी आयी अन्गेरजण नुआ
दे ख्वाव देखणे आली पहाडी नुआ टिका दी निया कन्नै अन्गेरजण लियाणी । अव
अम्मी धर्म संकट मे थी कि वहां आस्ट्रेलिया से लडका आ रहा और यहां उसे ही
ससपैंस खोलना है नही तो पता नही कया वखेडा हो जायेगा , अम्मी फिर चाय लेकर
पिता जी के पास पहुंची , अजि सुणनेयो ओ फलाणें दे मुन्नुएं भी ता फारन ते
कुडी लंदियो , पिता जी समझ नी पा रहे थे कि यह फौरन के प्रति आज मौतरमा का
प्यार कयो उमड रहा है , गुस्से से वोले तो मै कया करुं एक पागल हो जाये तो
सव तो नही पागल वन जाये , जे मेरे मुन्नुएं देया कितेया ता मै कडी देणा घरा
ते अपणे कोई रीति रिवाज भी हुंदे , समाज सभ्यता , अव अम्मी काा चेहरा लाल
पिला , ता जी असांदे मुन्नुएं भी करी लेया व्याह ओथी , गोरी लंदियो , लगेया
आणा , फोन कितया था मुन्जो ,गुस्से से मां वोली ।। अव तो पिता जी एकदम
अमिशपुरी टायप हो गये , आणे दो तिसजो , मै लत्तां तोडी देणीयां , शर्म नी
आयी , जलीगयी एडी औलाद वगेहर वगैहर सेम लायक अम्मी जी , अम्मी ने थोडी
सिचुएसन कन्टरोल की , पिता जी को समझाया की अपना ही वेटा है चलो कोई ना और
कोई गल्त काम तो किया नी यही शादी कर देंगे , अभि तो दोनो आ ही रहे है वहुत
समझा वुझा कर पापा मान गये , शादी की ईंसटैंट नूडल वाली तैयारी शुरु हो
गयी कार्ड वंटने लगे , उधर दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाईट लैंड होते ही भाईसा
का फोन आ गया , अम्मी अडिये ईक गाल होर दसणी थी , मां वोली हां वच्चा दास
अच्छा गड्डी भेजी देंदे असेस दिल्ली जो , नी अम्मी गाल ए है कि तुहां दादी
वणी गये मुन्नी होईयो , अव तक मां वेटे की शादी के झटके से ही उतर नही पायी
थी कि एक और मुशिवत , ओ नखसमेया मुंह काला कराईता तैं कुति पासे दे नी
छड्डे , शर्म नी आदी गलांदे जो कया दस्सुं मै हुण तेरे वुड्डे जो ,
मरिजाणेया पहले दस्सी दिंदा , पर अम्मी पहले सव ठीक था मेरा मतलव एसा कुछ
नी था तो मैने सोचा ,. .....
वुडेया सिर सोचेया तैं कन्नै माउ दा चुंडा , अव तक पिता जी वेटे की शादी के कार्ड वंटने मे विजी थे तभी मां के लटकते चेहरे को देख कर पूछने लगे , सव ठीक ना ,
सुआ ठीक मां ने गुस्से से वोला , तुहां कन्नै मै, सास सौरे वाद विच वणे अपर दादा दादी पहले वणी गये ,
पिता जी चौंक कर पूछने लगे माजरा कया है , ,ईन सवमे सवसे ज्यादा पिता जी कन्फयुजीया गये थे कि यह नौटंकी चल तो चल कया रही है , जव माता जी ने पूरी कथा वतायी तो पिता जी क्रोधित मुद्रा मे अनाव सनाव वोलने लग पडे अव भईया ईतने खतरनाक ससपैंस वो भी रियल लाईफ मे कोई दे तो दिमाग तो सटक ही जाता है ना , गुस्से मे सवसे वकैती करने लग गये ,। कोई शादी नही होगी टायप डायलौग झाडने लगे पर घर मे आये कुछ रिश्तेदारों ने समझाया कि जो हुआ भुल जाओ अव एसा सव करने. से वेईज्जती ही होगी , तो छोडो वच्चे है नादान है गल्ती हो गयी कर दो माफ ।।
माफ मेरा नाक वडाईता , मै हुण घरे व्याह करुं कि पंजाप करुं ।।
घर मे भाईसा की एंट्री हो गयी एक क्युट सी नन्ही परी दादी की गोद मे खेलने लग गयी , और अन्गेरजण वहु नामास्ते मामा जी कहकर पैर छुने लग गयी , घुघंट ओडकर हिमाचली कल्चर को पहले से लडके ने उसे ट्रैंड कर दिया था , अव वो मोहल्ले की़ एलियन थी जिसे हर कोई आकर देखना चाहता था , सुनना चाहता था , वात करने की कोशीश करना चाहता था , अपनी टुटी फुटी अन्ग्रेजी को कम्पेयर करके दिखाना चाहता था कि शायद कोई जुगाड वैठकर हमारा भी ससुराल आस्ट्रेलिया वन जाये ।
अरे भईया शालियां नी थी आपकी एक आधी तो ले आते ,, एक दोस्त भाईसा से पूछने लगा
पिछे से नवेली दुल्हन वोल उठी ।। वाट ईज खडूचा , मौम ईज आस्कींग अवाउट ईट ।।
भाईसा समझाने लगे खडूचा ईज समथिंग लायक ।।। लायक ।। दोस्त हंस हंस कर लोट पोट हो रहे थे , गुस्से से एक दोस्त की तरफ ईशारा करके वोला , दंदा नी काड तु दास वट ईज खडूचा ??
वडका जी विदेश जाई नै जम्मै खडूचे वणीयो , ओ खडूचा नी पता तुहांजो हा हा , हां भई काकू तु दास , काकू वडका जी थोडा थोडा याद औदा पर आजकल कम्मै करी करी ने ईन्ना ही याददाश्त कमजोर होयी गयीयो पर जे मुन्जो पता हुंदा ता मै हिमाचल च थोडी हुंदा मै भी किसी फौरन गोरी के साथ लव यु डव यू खेल रहा होता , एक दोस्त वोल पडा मलाणा दा प्रसाद चखी चखी के याददाश्त कमजोर ही होणी , वणैया वडा वौव मारले ।।
पिछे से अम्मी चिल्लाकर वोली नखसमेयो खडूचा खडूचा हुंदा , पता कया है तुहांजो , वयाह दी उम्रा होयी गईया पर खडूचे दा नी पता ?
वहु की तरफ ईशारा करते हुये वोली वेटी उरै अंदर मै दसदी किचना च कया होंदा खडूचा ,
गोरी वहु ईससे पहले आक्सफोर्ड की डिक्सीनरी मे ईस शव्द का मतलव ढुंड रही थी , पर हिमाचला रे शव्द जे आक्सफोर्ड च मिलणे लगी है तां सारेया नी वणी जाणा हिमाचली कयों ??!
To be continued ...
#ankush©2016Nov. #अंकुश #वकैती #अंग्रेजण_नू

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