"सुलगता हिमाचल "
नमस्कार , विकास के नये हिमाचल मौडल मे आपका स्वागत है वडे वडे हायड्रो प्रोजैक्ट के विच , फ्लोर जैसे वने वस अड्डे , a.c volvo जैसी लैस ग्राउंड क्लीयरैंस वाली वसें ,चमचमाते उंचे होटल , वढते व्यापार, सुलगती वीडी वाली जवानी और वहुत कुछ ...सव है यहां .. भोटा के वाय पास से उतरते वस अड्डे तक पहुंचते सव है यहां , फ्रैस ,प्योर , एकदम ताजा ,मै किसी सव्जी या टमाटर की वात नही कर रहा मै वीडी मे ईस्तेमाल होने वाले ,वीडी को और पीने वाले को सुलगाने वाले प्रोडक्ट की वात कर रहा हूं , एसा प्रोडक्ट जिसकी मार्किट सिर्फ हिमाचल मे ही नही पूरे देश और यहां तक विदेश मे भी जानी जाती है , जानता नही हिमाचल राज्य की जीडीपी कितनी है , आपको मालूम है तो वता दिजीयेगा मै भी अपना जीके वडा लूंगा ,जीडीपी के ईस खेल मे यह सुलगता प्रोडक्ट एक महत्वपूर्ण रोल अदा कर रहा है हिमाचल की जीडीपी मे खिंची रेखा को टाप प्वाइंट तक ले जाने मे,
कुछ लोगो ने तो काम धंधा छोडकर ईसी प्रोडक्ट की मार्केटिंग करना शुरु कर दिया है अव भला कौन मेहनत करके पसीना वहाये जव सिर्फ ईम्पोर्ट और कस्टमर को एक्सपोर्ट करके अच्छा विजनैस खडा किया जा सके , अव तो आलम यह हो गया है कि वाहरी राज्य का कोई यह पूछे कि कहां से हो और जवाव हिमाचल हो तो एक अलग से सवाल होते है , हों भी कयों ना जिस प्रोडक्ट के चर्चे देश विदेशो तक हो तो उसके उपर सवाल भी वाजिव हैं , आखिर कौन सा प्रोडक्ट है ये किसकी वात मै तवसे किये जा रहा हूं , कहीे यह मलाणा वाला वो तो नही ? मलाणा के नाम से विनोद भावुक जी का शेयर याद आ गया जो मुझै वेहद पसंद है और पढकर आपको भी अच्छा लगेगा ,
चाहत मे सवका अपना अलग अलग मुकाम रहा ,यहां तेरा नाम रहा तो वहां मेरा नाम रहा ,तेरे हुस्न के चर्चे तो मनाली की तरह हुये ईश्क मेरा मलाणा की तरह वदनाम रहा ,
मलाणा तो नाम से ही वदनाम है मनाली भी कहां कम है कसोल के तो कया कहने , लेकिन यह कनैक्शन मनाली मलाणा तक ही नही पूरे हिमाचल मे कयी दुकानें खोल कर वैठा है , हर उस दुकान मे हर गांव के कयी लोग कनैक्टड है , पहले विडी पी जाती थी अव पहले सुलगायी जाती है उस खास चिज से जिसके नाम भी करन्ट टायम के हिसाव से चेंज होते गये , और होते रहते है कभी जमाने से वचने के लिये तो कभी जमाने से वचाने के लिये आखिर कयों ना हो प्रायवसी नाम की कोई चीज होती है भाई , ज्वाईंट ,माल से तो शायद हर कोई फैमलियर हो ही गया होगा , ईस्के विना लोगो की वीडी फोकी रह जाती है , यही वो वजह भी है जिसके कारण आधुनिकता वाली यह जनरेसन दिखावे वाली सिगरेट को त्याग कर वीडी पर आ टिकी हैं , वीडी सस्ती होती है सिर्फ यही वजह नही विडी मे यह खास प्रोडक्ट ईसीली फिट हो जाता है यह भी खास वजह है , ज्वाईंट के नशे मे चूर युवा वीडी को तो सुलगा रहा है पर खुद भी सुलग रहा है ठीक वीडी की तरह यह भुलकर की वीडी के सुलगने के वाद सिर्फ शेष राख ही वचती है ,
मंडी के नाके हो या नशेडियो के ईलाके हर जगह संरक्षण है कानून का या सत्ता का , पंजाव के चर्चे तो कयी हुकुमरानो ने किये पर हिमाचल से कयों कन्नी काट लेते समझते सव है वस जुमसना नही चाहते , जानते सव है पर दवाना चाहते है दफन करना चाहते हैं सव सवालो को ,ज्वाईंट को तो सुलगने दो आज सिगरेट मे तो कल वीडी मे पर कहीं मजा चूर मत करना फोकी पीकर , फ्रैस जो चाहिये डिमांडड है ,कुल्लु मंडी का स्वाद है एसे ही नही उतरेगा ,कुछ तो उतार कर उतरेगा कुछ चढा कर ,वाह कया स्वाद है हिमाचल का , पर तुम सुलगने दो ॥
#अंकुशठाकुर
नमस्कार , विकास के नये हिमाचल मौडल मे आपका स्वागत है वडे वडे हायड्रो प्रोजैक्ट के विच , फ्लोर जैसे वने वस अड्डे , a.c volvo जैसी लैस ग्राउंड क्लीयरैंस वाली वसें ,चमचमाते उंचे होटल , वढते व्यापार, सुलगती वीडी वाली जवानी और वहुत कुछ ...सव है यहां .. भोटा के वाय पास से उतरते वस अड्डे तक पहुंचते सव है यहां , फ्रैस ,प्योर , एकदम ताजा ,मै किसी सव्जी या टमाटर की वात नही कर रहा मै वीडी मे ईस्तेमाल होने वाले ,वीडी को और पीने वाले को सुलगाने वाले प्रोडक्ट की वात कर रहा हूं , एसा प्रोडक्ट जिसकी मार्किट सिर्फ हिमाचल मे ही नही पूरे देश और यहां तक विदेश मे भी जानी जाती है , जानता नही हिमाचल राज्य की जीडीपी कितनी है , आपको मालूम है तो वता दिजीयेगा मै भी अपना जीके वडा लूंगा ,जीडीपी के ईस खेल मे यह सुलगता प्रोडक्ट एक महत्वपूर्ण रोल अदा कर रहा है हिमाचल की जीडीपी मे खिंची रेखा को टाप प्वाइंट तक ले जाने मे,
कुछ लोगो ने तो काम धंधा छोडकर ईसी प्रोडक्ट की मार्केटिंग करना शुरु कर दिया है अव भला कौन मेहनत करके पसीना वहाये जव सिर्फ ईम्पोर्ट और कस्टमर को एक्सपोर्ट करके अच्छा विजनैस खडा किया जा सके , अव तो आलम यह हो गया है कि वाहरी राज्य का कोई यह पूछे कि कहां से हो और जवाव हिमाचल हो तो एक अलग से सवाल होते है , हों भी कयों ना जिस प्रोडक्ट के चर्चे देश विदेशो तक हो तो उसके उपर सवाल भी वाजिव हैं , आखिर कौन सा प्रोडक्ट है ये किसकी वात मै तवसे किये जा रहा हूं , कहीे यह मलाणा वाला वो तो नही ? मलाणा के नाम से विनोद भावुक जी का शेयर याद आ गया जो मुझै वेहद पसंद है और पढकर आपको भी अच्छा लगेगा ,
चाहत मे सवका अपना अलग अलग मुकाम रहा ,यहां तेरा नाम रहा तो वहां मेरा नाम रहा ,तेरे हुस्न के चर्चे तो मनाली की तरह हुये ईश्क मेरा मलाणा की तरह वदनाम रहा ,
मलाणा तो नाम से ही वदनाम है मनाली भी कहां कम है कसोल के तो कया कहने , लेकिन यह कनैक्शन मनाली मलाणा तक ही नही पूरे हिमाचल मे कयी दुकानें खोल कर वैठा है , हर उस दुकान मे हर गांव के कयी लोग कनैक्टड है , पहले विडी पी जाती थी अव पहले सुलगायी जाती है उस खास चिज से जिसके नाम भी करन्ट टायम के हिसाव से चेंज होते गये , और होते रहते है कभी जमाने से वचने के लिये तो कभी जमाने से वचाने के लिये आखिर कयों ना हो प्रायवसी नाम की कोई चीज होती है भाई , ज्वाईंट ,माल से तो शायद हर कोई फैमलियर हो ही गया होगा , ईस्के विना लोगो की वीडी फोकी रह जाती है , यही वो वजह भी है जिसके कारण आधुनिकता वाली यह जनरेसन दिखावे वाली सिगरेट को त्याग कर वीडी पर आ टिकी हैं , वीडी सस्ती होती है सिर्फ यही वजह नही विडी मे यह खास प्रोडक्ट ईसीली फिट हो जाता है यह भी खास वजह है , ज्वाईंट के नशे मे चूर युवा वीडी को तो सुलगा रहा है पर खुद भी सुलग रहा है ठीक वीडी की तरह यह भुलकर की वीडी के सुलगने के वाद सिर्फ शेष राख ही वचती है ,
मंडी के नाके हो या नशेडियो के ईलाके हर जगह संरक्षण है कानून का या सत्ता का , पंजाव के चर्चे तो कयी हुकुमरानो ने किये पर हिमाचल से कयों कन्नी काट लेते समझते सव है वस जुमसना नही चाहते , जानते सव है पर दवाना चाहते है दफन करना चाहते हैं सव सवालो को ,ज्वाईंट को तो सुलगने दो आज सिगरेट मे तो कल वीडी मे पर कहीं मजा चूर मत करना फोकी पीकर , फ्रैस जो चाहिये डिमांडड है ,कुल्लु मंडी का स्वाद है एसे ही नही उतरेगा ,कुछ तो उतार कर उतरेगा कुछ चढा कर ,वाह कया स्वाद है हिमाचल का , पर तुम सुलगने दो ॥
#अंकुशठाकुर
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