नमस्कार जाट आरक्षण मुद्दे पर आज आप सवका स्वागत है मै आज जाट आंदोलन या यूं कहे जाट उपद्रवीयों के वारे लिख रहा हूं जाहिर है मेरी ईस पोस्ट से जाट साथियों को थोडा गुस्सा आयेगा और वो गालियां भी देंगे , दे दिजीयेगा गुस्सा सेहत के लिये वैसे भी नुकसानदेह होता है ज्यादा गुस्सा रखोगे तो व्रेन हैमरेज हार्ट जैसी समस्याएं हो जायेगी ईसलिये आप हर तरह की गाली दे दिजीयेगा मुझे आपकी प्रशंसा और आपकी आलोचना से कोसों दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं ,ईन्फैक्ट मुझे ईससे भी कुछ नही लेना देना कि हरियाणा का कितना करोड नुकसान हुआ ,नुकसान तो नुकसान होता है फिर वो हजार रुपये का हो या हजार करोड का आप उसका तोल मोल भी कर सकते है यह आपकी कैलकुलेसन पर निर्भर करता है ,लेकिन कया आप जिंदगीयों का तोल मोल कर सकते हो ?? प्लीज यूं खामोश मत वैठियेगा आप तो जाट हो मै ठहरा एक हिमाचल के छोटे से गांव का लडका पर मुझे आपसे पूछना है वो सव जो आपने अपने पहले वाले सो काल्ड आंदोलन मे किया था , गांधी जी का आंदोलन सुना था तव मै पैदा भी नही हुआ था पर हां अन्ना आंदोलन जरुर देखा ,ईन आंदोलन के साथ और छोटे मोटे आंदोलनों से मेरा सरोकार होता रहा जिनमे किसी ने सडक रोक दी ट्रेन ट्रैक रोक लिये पर आप तो जाट ठहरे आपने तो सडकें ही उखाड़ दी गाडियां जला दी लोगो की दुकाने लुट ली ,और तो और वलात्कार जैसी घिनौनी वारदात करने से भी गुरेज़ नही किया पर खैर आप तो जाट ठहरे , अच्छा आपकी खाप पंचायतो वाले कानूनो के वारे मे वहुत सुना था , यह भी सुना था कि ईसमे वडे सख्त नियम है पर आंदोलन के नाम पर अपनी वासना मिटाने वाले ताउ को संरक्षण कयों दे देते हो ,दुकानो को लुटते समय कहां चली जाती है आपकी खाप पंचायती घोषणायें या फिर यह सिर्फ एक पर्टिकुलर टापिक पर लागू होती है , जव मै दिल्ली मे नया नया गया था तो मेरी दी ने कहा था वो जो सामने प्लाट देख रहा है ना वो जाटों के है यहां जाट काफी समृद्ध सम्पन्न है अव जाकर पता चल रहा है शायद वह प्लाट तो लिज पर लिये होंगे जाट तो वेचारे वडे गरीव हैं उनको तो आरक्षण मिलेगा तव जाकर वेचारे खाना खायेगे जव तक तो वो दुकाने लुट कर ही काम चलायेगे , आरक्षण मिला तव जाकर शादी करेंगे (आई नो तवतक मुरथल जैसा कांड करके काम चलाओगे ) , मेरा मानना है कि हर जगह पर मात्र दो तरह की श्रेणी के लोग होते है अमीर और गरीव , फिर उसमे ना ठाकुर आते है ना जाट उसमे सिर्फ गरीव गरीव होता है और अमीर अमीर , यह भी सही है कि जाटो मे भई गरीव जाट होते है पर यह मै तव स्वीकारता जव आप आर्थिकी के हिसाव से आरक्षण मांगते यहां तो आपका कहना है कि हमे वस आरक्षण दो , जवकि एक सच यह भी है हरियाणा सरकार मे और दिल्ली सरकार मे भी कयी उच्च पदों पर जाट जात के लोग विराजमान है ,पर उन्होने तो आरक्षण की मांग करके वो पद हासिल नही किया ना , अगर राजनिति हो रही है तो आपके अंदर कया दिमाग नही जो ईस गंदी राजनीति का शिकार हो रहे हो । सुना था जाट वडे दिलेर होते अव समझ आया जव आपके आंदोलन मे एक गर्भवती महिला को एंवुलैंस मे ही रोके रखा और आगे जाने नही दिया कयोकि आपकी हुडदंगी फौज मुरथल जैसी प्लांनिग वना रही थी ,आपके खिलाफ आपके ही भाई वन्धु वन्दुक लेकर खडे करने पड रहे है कारण आप भी जानते ह देश भी जानता है , पर मेरा सवाल कोर्ट से भी है अगर सरकारे अपने वोटवैंक के लिये एसे मुद्दे वनाती है तो कोर्ट को भी ईसमे संज्ञान लेना चाहिये और समय रहते ही सव कावू कर लेना चाहिये ताकि कयी गरीवो की दुकाने ना लुटी जायें ना जलायी जायें ,ताकि एम्वुलैंस सुरक्षित अस्पताल तक पहुंच सके ,ताकि वलात्कार जैसी घटनाएँ उन्मादी भीड के कारण ना घटे , और सवसे वडी वात ताकि आपके खिलाफ सरकार को आपके ही भाई वन्दूक लेकर ना खडे करने पडें ॥
एक तायी ते पुछया ताई यो आरक्षण के होवे , ताई न्यु वोली ,रै मन्नै वेरा कोई ना आरक्षण के होवे पर म्हारा छोरा तीन वार फैल हो लिया और उस हीर का वालक पास होकर नौकरी लाग गयो , हाम जाटो ने के गलत कार दियो , म्हारे वालको को भी पास करो उनको भी नौकरियां दो ,
दो विडीयो आपके सामने है एक जाटो की हुडदंगी फौज का तो दूसरा अपणी जटणी ताई का , ईव निर्णय कर लेयो ॥
भाईयो म्हारी ओर सै सवको राम राम ,
‪#‎अंकुशठाकुर‬

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