‪#‎ankushThakur‬
पुतले जलाकर विरोध प्रदर्शन करने वालो की मानसिक हालत उस सिरफिरे आशिक के जैसी है जिसे अपनी मनपसंद साथी ना मिलने पर वह वस की सीटो और पव्लिक प्लेस पर कटा दिल वनाकर अनाव सनाव लिखता हैं और अपनी भडास निकालता रहता हैं
जैसे आंकु लव्स मालविका sanju loves soniya , monu loves bindia और वगैहर वगैहर
‪#‎अंकुशठाकुर‬पुतले जलाना वन्द कर देना चाहिये और सिटो पर यह दिल वनाकर लिखी कलाकारी भी वन्द होनी चाहिये
खैर राजनिति मे पुतले जलाना वन्द नही हो सकते और सिरफिरे आशिको की शायरी 

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