हर हर महादेव
" वाजीराव मस्तानी "
एक एतिहासिक किरदार , एक एतिहासिक कहानी, एक प्रेम कहानी एक परमवीर योद्धा की कहानी , जिसे कि संजय लीला भंसाली ने वडी ही सुन्दरता से सिनेमा तक पहुंचाया है , शायद पहले वाजीराव मस्तानी की कहानी या तो मराठा समाज तक सीमित थी या तो वडे वडे ईतीहासकारो के ज्ञान मे थी लेकिन सिनेमा तक पहुचने से एक वीर की कहानी एक वेईन्तहा महोव्वत करने वालो की कहानी जो कि धर्म जात समाज के वन्धन से परे कि है सवके सामने मानो जीवित सी हो जाती है , वाजीराव ने मस्तानी से महोव्वत की है अय्यासी नही कुछ ईस तरह के वेहद प्रभावशाली डायलौग फिल्म मे अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते रहते हैं ।
फिल्म हर हर महादेव के जयकारो और भगवा ध्वज से शुरु होती है और हर हर महादेव के जयकारो में गुंजती रहती है , मराठा युग के शौर्य और मुगलो को लोहे के चने चवाने पर मजवुर कर देने वाले महान योद्धा वाजीराव अपने परिवार से हार जाता है , आपको वता दे ईतिहास के अनुसार 40 से ज्यादा लडाईयां वाजीराव ने लडी थी जिसमे एक भी नही हारी आज भी (कोकण) मराठा समाज मे वाजीराव का नाम वडे गर्व और सम्मान के साथ लिया जाता है , वीर शिवाजी के वाद सवसे वुद्धिमान चतुर और प्रवल योद्धा शायद वाजीराव ही थे , खैर ये तो ईतिहास था , फिल्म मे ईसे वडी खुवसुरती से कडीयो को जोडा है , फिल्म मे पिंगा गाना वहुत खास छाप छोडने मे कामयाव रहता है वैसे ईस फिल्म मे ईतने गाने डालने की जरुरत नही थी , कयोकि ईससे फिल्म कही कही थोडी स्लो सी हो जाती है वरहाल फिल्म वहुत अच्छी है , और आपको जरुर देखनी चाहिये , रोमांच से भरी ईस कहानी को मै 5 मे से 4 देना चाहुंगा , फिल्म मे रणवीर का किरदार वहुत वहुत प्रभावशाली है और वडी सहजता से निभाया है , दिपीका प्रियंका ने भी वहुत अच्छा अभिनय किया है लेकिन रणवीर का कोई तोड नही कर पाया है , फिल्म मे कुछ शायरी और डायलौग है जो वहुत प्रभावशाली है ।
वाजीराव का एक डायलौग :-
चीते की चाल ,वाज की नजर और वाजीराव की तलवार पर संदेह नही करते , कभी भी मात दे सकती है ,
तो वही प्रियंका का काशीवाई किरदार मे यह डायलौग वहुत हद तक कासी के दर्द को वयां कर देता है
Aap Humse Humari Zindagi Maang Lete Hum Aap Ko Khushi Khushi De Dete,
Par Aapne Toh Humse Humara Gurur hi cheen liya
Guys it's superb movie , u must watch it ...
हर हर महादेव
#अंकुशठाकुर

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