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# ankushThakur खवर है कि सपना ने जहर खा लिया , यह खवर सुनते ही कयी छोरे सदमे मै आ गये , आते कयों नही रोज यू टयूव पर सपना खंगाल खंगाल कर कयी सपने जो देख रखे थे , हर कोई उसे अपनी नजर के अलग अलग रंगीन चश्मों से देखता है ,कोई उसकी तुलना वैश्यों से कर देता था कोई उसके झटके लटकों ठुमकों पर फिदा थे , कोई अपनी शादी मे उसे नचाना चाहता था , तो कोई उसे एक मासूक की नजर से देखता था जैसा अक्सर लोग सैलीवरीटी को देखते हैं , सपना कोई वालीवुड की अदाकारा भी नही है फिर भी किसी नामी अदाकारा से कम भी नही थी , तो फिर कौन थी सपना ?? आपमें से वहुत सोच रहे होगे कि आखिर कौन है यो सपना जिसने हरियाणे मे कति जुल्म ढा रखा है ,तो सुनिये एक मध्यम वर्गिय परिवार मे जन्मी सपना जैसा नाम वैसी ये लडकी देखने लग गयी वडे वडे सपने ॥ एक एसी लडकी जिसे है नाचने गाने का शौक और ईसी शौक के कारण वो कयी मर्दो के दिलों मे तो आ ही गयी पर साथ ही कुछ नजरों मे खटकने लग गयी , और ईसी नाचने के शौक ने आज उसे जहर खाने पर मजवुर कर दिया ॥ जहर की खवर आज दिन से खूव वायरल हो रही है , सपना हरियाणा मे रागनियों मे गाती थी , गाती वह...
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‪#‎ अंकुशठाकुर‬   कितनी देर से तुम्हे मैसेज कर रहा था ,  तुम ना " हिलोपा "की तरह वहुत नखरैल हो गयी हो , पता ही नही चलता नाराज हो या मूड मे ,  हम्म्म ... तुम भी तो वडे पालिटिकल हो गये हो ,यह ईश्क और पौलिटीक्स कवसे साथ साथ करने लग गये , तभी से .. जवसे गठवंधन किया था तुमने "मोहव्वत" के साथ ॥ हाहा अच्छा राजनीति के मुन्शी प्रेम चंद , पर यह चेतन भगत का जमाना है , ध्यान से ...कही एसा ना हो कि गोदान कर दे कोई तुम्हारी फिलींगस का , ओ हो फिर तो गोदान करने वाली भी "हाफ ग्रलफ्रैंड" ही होगी .... हा हा हा ॥। व्रोकन लव ईमोजी  💘 💏 💔  के साथ गुड नाईट #अंकुशठाकुर
#Shimla_ankush_Thakur कुछ अलग ढूंढने के लिये शिमला के माल रोड पर चल दिया ,  कयी रंग विरंगी सतरंगी अदाएं हर तरफ विखरती जा रही थी , कुछ उन्हे समेटे चल रहे थे तो  कुछ हिन्दी फिल्मों के धर्मेन्द्र वनकर अपने अलग अंदाज मे समेटने की जद्दोजहद कर रहे थे ,  सैल्फी के ईस दौर मे DSLR वालो की भीड भी कम नही थी , रही कसर दूरदर्शन वाली मौतरमा  ने लम्वा सा माईक लगा कर मिटा दी , " कैसा लगा आपको शिमला " कुछ वोलता उससे पहले  किन्नौरी टोपी पहने वो एकदम सामने आ गयी , सामने की तरफ ईशारा करते हुये वोल पडा  , देखो ठीक वैसा , खुवसुरत सा , कल्पनाओं से भरपूर , एक हसीन सपने के जैसा ,  दूसरे सवाल पर खुद को ISBT वाली भीड की तरह घिरा हुआ पाया , मेरी नजर उसे ढुंढ रही थी रिज से माल रोड तक ..और ..मै खुदको !!!!! हाय वो किन्नौरी अदायें #Shimla_ankush_Himachali #अंकुश  ©2016  ankushthakur045.blogspot.com 
अगर बिहार मे जंगलराज हो सकता है तो हिमाचल मे खनन माफिया राज कयों नही ॥ ?? कुछ दिन पहले मन मे पोलिस वालो के खिलाफ गुस्सा था ,गुस्सा जायज भी था एक आम नागरिक को विकटीम वना दिया जाता है और रसूकदार , राजनैतिक घरानो से सम्वंध रखने वालो को वख्स दिया जाता है यही देखकर सोचा कि कुछ लिखता हूं , अच्छा हुआ नही लिखा वरना आज डिलीट करना पडता , वेवजह , खामखा ,॥ खवर आयी हिमाचल के एक विधायक ने अपनी पावर से ASP गौरव शर्मा का तवादला करवा दिया ,  तवादला , तवादला और तवादला , भारतीय लोकतंत्र के कम्प्यूटर मे तवादला एक एसा शौफ्टवेयर है जिसे एक दम ईन्सटाल कर दिया जाता है 420 G की स्पीड मे , खनन माफीया के वारे मे आये दिन आप कुछ ना कुछ पढते और सुनते होंगे कभी यूपी विहार उत्तराखण्ड तो कभी हिमाचल सव जगह यह शव्द ट्रैंड करता है , और विना राजनैतिक हैल्प के यह शव्द ट्रैंड करे ईसकी ईमैजिनेशन करना भी मतलव वावर के जमाने मे ट्वीटर पर ट्रैंड हुये ट्रोल जैसी है , खैर खनन के लिये राज्य सरकार द्वारा एक खास प्रकिया होती है पर्यावरण को नुकसान ना हो नदियो को नुकसान ना हो ईस्के लिये वकायदा वन विभाग ,सरकार ,से लाईसेंस लेना ...
नमस्कार , दलित VS politics , आजकल यही शब्द ट्रैंड कर रहे हैं , जैसे ही उतर भारत मे चुनाव आने लगते है यह शव्द सुनना और पढना आम हो जाते हैं , कुछ एक तवका जो खुद को दलितो का मसिहा समझता है ईस समय एक्टिव मोड मे औन हो जाता है पर असल मे वो सिर्फ वोट राजनिति तक सीमित रहता है , हिन्दुस्तान मे वैसे तो कयी वैंक है मुझे सवका नाम याद भी नहीं पर यहां ईंसानो की भावनाओ का ,जात के नाम पर स्वार्थ साधने का एक खास वैंक है जिसे हमारे वुद्धिजीवी और नेतागण वोट वैंक कहते हैं , ईस वैंक का दुर्भाग्य कहे या ईस वैंक मे अपनी वोट नामक पूंजी को अपने उज्जवल भविष्य का सपना देखने वालो का अभाग्य ईसमे वोट द्वारा दी गयी पूंजी ईन्वैस्ट तो होती है पर वो ना तो वापिस मिलती है और ना ही ईस पर उनको कोई व्याज मिलता है , हां उन अभाग्य श्रेणी के भारतीयो को देखने के लिये मूर्त्तियां वेशक मिल जाती है , पर अगर मूर्तियां देख कर पेट भरता हो तो वेशक देखनी चाहिये और तव तक देखते रहना चाहिये जव तक पेट भरे ना , खैर ईनको दलितो की याद तभी आती जव चुनाव होते है दलित शव्द पर विहार ,उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश और झारखंड मे ज्यादा राजनीति होती ह...
‪#‎ अंकुशठाकुर‬  " कयोकि जिंदगी मे क्लास (श्रेणी ) है " नमस्कार मै अंकुश ,हाजीर हूं लेकर सैटरडे नाईट , जी हां सैटरडे है तो सैटरडे नाईट ही कहूंगा ना । मुम्बई दिल्ली जैसे कयी वडे शहरो मे दो तरह की नाईट होती है एक शनिवार वाली और दूसरी सैटरडे नाईट , गांव मे एक ही थी शनिवार वाली , लेकीन शहरों मे ईसकी क्लास है , नाईट वाली क्लास , भला हो भी कयों ना जिन्दगी मे भी तो एक कलास है , अव रेलवे को ही ले लिजीये ईसमे भी कयी क्लास है वेचारा स्लीपर वाले यात्री कयी दफा सोचते रह जाते कि एक ही ट्रै क पर एक ही गाडी मे जा रहे मगर हममे भी एक क्लास है जो विल्कुल डिफरैंट हैं ,पहुंच से दूर है ,फासले से भरी ,और जिंदगी गुजर जाती है ईस स्लीपर और 3rd A.c के फासले को पूरा करने मे और जव आप 3rd Ac मे सफर करने लगते हैं तो पता चलता कि पडोसी तो तीसरी क्लास मे उड रहा ,सही पकडे हो वो प्लेन वाली क्लास । पर ईन क्लास मे जिंदगी भी थोडी अलग सी है अटपटी सी है , कुछ सुलझी तो कुछ अनसुलझी सी है ,स्लीपर मे पहुचकर थोडी ही देर मे आप सवसे एसे वाते करने लग जाते जैसे सदियो से एक दूसरे को जानते हों वहिं एसी वाली क्लास मे लोग अपने...