हुआ युं कि आज हम थोडे वहके हुये हैं वहुत से शव्द दिमाग में परिक्रमा कर रहे थे और हम भी कन्फुजिया गये थे कि किसे पकड कर आपके हवाले करें पर जैसे कि हमारा नेचर है हम राजनितीक मुद्दों को वहुत कम वार हाथ से फिसलने देते है मोस्टली हम उनमे सैटींग विठा के आपके सामने धर ही देते हैं आज अरसे के वाद मन भी किया लिखने का नहीं तो थोडा वहुत लिख देते थे चलते चलते लोकल की टकाटक लाईफ में तो कभी चारदिवारी में पर आप सव ही प्रेरित करते हो लिखने को कभि कुछ दोस्त मक्खन मार मार कर पुरा पिलपिला पंजावी परांठा वना देते पर हम भी कुनाह खड्डों को वरसात में पार करने वाले पहाड़ी हैं एसे खुश नहीं होते हां हल्की सी ईस्माईल मार कर कल्टी जरुर मार लेते कहीं एसे भी मनुभाव हैं जो मेरे स्टेट्स का एसा निम्वु सिकन्जी वनाते की स्टेट्स भी रो क वोलता वस करो यार लिख कोई और रहा और पोस्टमारटम हमारा कर रहे ।खैर शव्दों की ईस जद्दोजहदत मे हम ये भुल गये कि लिखना कया था । सिरयसली हम आपका व्रेन वास करने नहीं आये हम वस आपको ये एहसास दिलाने आये थे कि हम अभि जिन्दा हैं फेसवुक पर और हमे भुलियेगा मत । और कोशिश भी कि तो फिरकी वहुत वनाते हम। डरा नी रहा वता रहा हुं
अच्छा जय हो वोल दो जाते जाते ईतना समय दे ही दिया ईस नाचिज के लिये तो
जय हो
‪#‎ankushThakur‬

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