दोनो ने ताउम्र साथ रहने का फैसला कर लिया था , वात अभी घरवालो तक नही पहुंची थी ,
वता देंगे अभि थोडी ना सादी कर रहे लडके ने प्यार से लडकी को कहा ,
रोज उसकी फरमाईशों को पुरा करने मे वक्त जाया कर देता कभी गुलाव के पौधे से कांटों भरे गुच्छे मे हाथ डालकर ताजा खिले फुल को तोड़ता और उसे सौंप देता तो कभी उसके पसंदीदा गीतो की कैसेट भरा कर गिफ्ट देता , सिलसिला एक फुल से शुरु हुआ और फिर हर रोज ईसी तरह चलता गया ॥ ईन आशिको की लव स्टोरी मे यह गुलाव वडा महत्वपूर्ण रोल अदा करता है और यह वात लडका समझ चुका था , लेकिन कव साधारण सा वालक आशिक वन गया कव ईन कांटों वाली राह मे चल पडा उसे भी शायद मालुम नही चला , दिन वितते गये प्यार और तकरार भी होता रहा ठीक वैसा ही जैसा रोज उस तोडे गुलाव के साथ शुरु होता था ॥
आज लडकी थोडी परेशान थी और होती भी कयों नही घर मे रिश्ता लेकर जो मौसी आयी थी , थोडे गुस्से से लडके को लताडते हुये वोली अव गुलाव तभी देना जव मेरे घर वारात आ जाये और गुलाव देकर स्वागत करना वोलते वोलते यह गुस्सा ज्वालामुखी सा पिघल चुका था और आंसुओं मे वहने लग गया था , वो टुट चुकी थी मै उसे टुटा देख अपने आप को संभाल नही पाया और उसे अपनी वांहो मे भरकर पुरा विश्वास दिलाने का प्रयास करता रहा कि कैसे भी करके घरवालों को मना लुंगा , ज्वालामुखी पिघल कर शांत हो चुका था दिल को तसल्ली तो उसकी वात ने दे दी थी लेकिन रात को काटना अव थोडा मुस्किल हो रहा था ,
धडकन फिल्म के गीत तुम दिल की धडकन मे रहते हो के नगमो को वजा कर राते काट रही थी ॥
देखो अव मै तुमसे फोन पे ज्यादा वात नही कर पाउंगी कयोकि मौसी आयी है और खआमखां शक करेंगी और तुम जानते हो ना वो रिश्ता ...... हां हां सव पता है रिश्ता रिश्ता वोलकर जलील मत किया कर , और हां एक आईडिया है यह लो हैडफोन ईसे लगाकर वतिया लिया करो किसी को ज्यादा शक भी नही होगा और कोई पुछे तो कह देना गाने सुन रही हुं सिम्पल ॥
अच्छा दिखाओ भला, हम्म ये तो डिजे की तरह आवाज कर रहे है ,
जी मौतरमा तभी तो कह रहा हु लो सम्भाल कर रख लो थोडा जरुरी काम है जल्दी मिलता हु ॥ रोज लडकी हैडफोन से वतियाती रहती और जव कही वाहर जा रही होती तो वैक टु वैक धडकन फिल्म के गीत वजाती रहती , कल उसने खास वुलाया था
सोना जरुर आना एक खुशखबरी है ,,
कया प्लीज वताओ ना ,,, नही उधर मिलकर ही ,तुम जल्दी सुवह आ जाना ॥
ओके लडकी ने फोन रख कर कहा और फिर पुरी रात दिमाग को उसी वात पर पाउस रख कर सोचती रही ,, आखिर कया खुशखबरी ,, ? कही शादी का कुछ वात हुआ कया वगैहर वगैहर सोचती रही , ना जाने कव सुवह हो गयी उसे भी पता नही चला ,और सुवह मिलने के लिये निकलने ही लगी कि वाहर से फिर अंदर आयी , मम्मी मेरे हैडफफोन देखे कया ,
नही वेटा अंदर अलमारी के उपर देख ,, मिले कया । ?
हां मिल गये ओके वाय मम्मी ,
कान मे हैडफोन लगाकर फिर वही धडकन फिल्म के गाने फुल वौल्युम मे वजाने शुरु और दिमाग उन्ही शिल्पा सैट्ठी की फिल्म मे फिल्माये वगीचो मे गुम हो गया ॥
लडकी को दिये वक्त से भी ज्यादा वक्त हो गया था पर लडकी अभि तक नही पहुंची फोन करे तो उठाये ना लडका परेशान पर करे तो कया करे सिवाय ईतजार के ।
और फिर एसी खवर आती जो लडके को झकझोर देती है वो टुट जाता है घुटनो के वल गिर जाता और जोर जोर से रोने लग जाता है एसा नही हो सकता मुंह मे वडवडाने लगता
दरअस्ल लडकी हैडफोन लगाकर ट्रेन ट्रैक पार कर रही थी हैडफोन की तेज आवाज मे उसे ट्रेन की आवाज सुनायी नही दी और ट्रेन की चपेट मे आकर कट गयी , हैडफोन मे अव भी वही गाना वज रहा था पर सुनने वाली हमेशा के लिये सो गयी थी ॥
Moral :- हमने वहुत सी चिजे अपनी सहुलियत मनोरंजन के लिये वनायी है पर उन्हे एक दायरे के अंदर ही रखे तभी वो हमारे लिये सही है अन्यथा चिजे हमारी सहुलियत के लिये है तो हद से ज्यादा प्रयोग नुकसानदेह भी है , यह तो मात्र काल्पनिक कहानी है लेकिन ईस तरह के कई दुर्घटनाएँ हैडफोन के कारण हो चुकी है कई लोगो ने अपनी जान गवाई है ,और गंवा रहे हैं सवसे ज्यादा रोड करौसिग या ट्रेन ट्रैक करौसिंग प्लेटफार्म करौसिंग मे जाने गयी है , आंकडो पर जाये तो हर साल कई सौ मौते हैडफोन के मिसयुज के कारण होती है आपसे निवेदन है ईस तरह की जगह मे ईससे परहेज करें , कयोकि जान है तो जहाँन है ॥
#आशिकी_शाम
#अंकुशठाकुर
ankushthakur045.blogspot.com टाईप करने के लिये कोशीश तो कर रहा हु लेकिन वहुत कम शव्द आ रहे है , अवाक सा हु कुछ लिखने पढने का मन नही , सुवहा से ही वेकार शुरुआत हुयी जो शाम तक चली और फिर एसा लगा कि एक चिराग जिससे कई होते थे रोशन वो रोशनी देता देता अचानक वुझ सा गया मुझ जैसे कई ये आस मे अव भी वैठे है कि कोई हवा का एक एसा झोंका आ जाये जो ईस दीवक को फिर से जला दे ,चाहे कम रोशनी हो पर वस जल उठे आज एक महान ईसान हमारे विच से चला गया , यु ही मुस्कराता हुआ , हमारी आखों को नम करते हुए , और मुस्कान जरा भी फिकी नही पड ी , वीमार होने के वावजूद भी हमेशा वच्चों का मार्गदर्शन करना उन्हे सिखाते रहना पढाते रहना वाकई यह कोई आम मानव नही था एक वहुत वडा वैज्ञानिक एक राष्ट्र का राष्ट्रपति पर कभी राष्ट्रपति दिखा ही नही वस एक साधारण सा मनुष्य जो हंसता हंसता वहुत कुछ दे गया ईस विश्व को , सपने वो नही होते जो आप नींद मे देखते हो सपने वो होते जो आपको नींद नही आने देते वाकई कलाम साहव आपके शव्द वहुत भावात्मक कर रहे हैं , वो आपकी हल्की सी मुस्कराहट , जरा फिर से हंस दो ना प्लीज वस थोडा सा ,,, भारत रत्न श्री कलाम ज...
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